अर्ध-नारीश्वर पिज्जा!

आवश्यकता ही नहीं कई बार मजबूरी भी आविष्कार की जननी होती है और यहां प्रस्तुत अर्धनारीश्वर पिज्जा के पीछे भी ऐसी ही एक मजबूरी है.
एक हिस्से में आप चीज को पिघलते देख रहे होंगे, जबकि दूसरे हिस्से में सूखे की मार पड़ी लगेगी. ऐसा इसलिए क्योंकि मुझे किसी ‘चीज’ से परहेज नहीं है.
आप देखेंगे कि शिमला मिर्च भी एक ही तरफ है – बेल पेपर येलो. दूसरी तरफ जो है बताने की जरूरत नहीं लगती.
दरअसल, मेरी मैम को हरी मिर्च पसंद है, शिमला मिर्च नहीं!
बाकी तो जो है सो हइये है – थोड़ा लिखे को भी ज्यादा ही समझें-बूझें!
सादर, सप्रेम और सविनय डाउनलोडार्थ, दूर-दर्शनार्थ और फीडबैकार्थ!

चाय गरम… चाय गरम…

चाय न जाने कितने तरीके से बनायी जाने लगी है – अदरक वाली, लहसुन वाली, मिर्च वाली, गरम मसाले वाली … और न जाने कितनी तरह की!
अव्वल तो जो टी टेस्टर होते हैं वे चाय को सिर्फ पानी में उबाल कर ही पीते हैं, लेकिन वो हर किसी के लिए संभव भी नहीं है.

मुझे तो बस चाय पत्ती, दूध और चीनी उबाल कर ही मजा आता है. अगर इतने में मजा न आये तो समझता हूं चाय पत्ती ही घटिया है.
बहरहाल, फिलहाल बताने वाली बात ये है कि इस चाय में मैंने एक प्रयोग किया है. कुछ कुछ वैसा ही जैसे – चाय मलाई मार के.
ये है… चाय खोवा डाल के!
(खोवा, खोया या मावा जो बोलते हों.)

चने के साग वाली मैग्गी

मेथी और पालक तो पूरे साल मिलते रहते हैं – चने का साग तो साल जाते जाते और नये साल के स्वागत के वक्त ही मिलता है.
ऐसे में बेहतर होगा कि घर में चने का साग आते ही एक बार…
चने के साग वाली मैग्गी जरूर बनायें!
मजा आएगा… मस्त मैग्गी बनती है.

Welcome Back

Hi Everyone,
Welcome Back to LittiChokhaLive.com
Hope you’re doing well, and wish and expect the same always as usual.

Here is a brief bio of LittiChokhaLive.com

Please don’t go by the name ‘Litti Chokha’ as this is not just a food blog or like a chef’s website, instead – a lifestyle digital locale/open-air venue.

Litti Chokha is an ethnic food of Indian eastern zone, commonly called Purvanchal. Maybe, Japanese are the most talked about for their minimalist lifestyle and food habits, however, Litti Chokha should be treated as the most minimalist food in the world just behind Sattu, another Indian complete food, for those who are unaware or unfamiliar, the roasted gram flour, almost the same used as part of marinade across the world cuisines, a preferably pure veg.

We believe that food is the sole regulator of lifestyle, almost all human behaviours and at the same time reciprocal to the habits and habitats.

Here, we’ll try to talk and think about many things related to the food, the taste and the power of food.